राष्ट्रीय स्तर पर हमारे खिलाडी

आजकल भारत में खेलों को काफी महत्व दिया जा रहा है. क्रिकेट, हॉकी, शतरंज, टेनिस और बैडमिन्टन में तो विश्व स्तर के खिलाडी हैं.  हमारे बिहार और छपरा में प्रतिभा की कमी नहीं हैं| लेकिन हमारे राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक के भी खिलाडी बहुत मुश्किल से मिलते हैं. हमारे यंहा प्रतिभा तो है पर उनपे किसी की दृष्टि नहीं, उन्हें मौका और सही प्रशिक्षण नहीं मिलता.
हम सबके पास खेलो से जुडी विभिन्न समस्यांए और उनके भरसक समाधान भी हैं.
आप अपने विचारों से हमें भी अवगत करायें…

धन्यवाद

बिहारी

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6 Responses to “राष्ट्रीय स्तर पर हमारे खिलाडी”

  1. santosh gupta कहते हैं:

    chapra me martial art ke darjanon rastriya khiladi hai lekin protsahan ke aabhaw me sabhi khel chhod rahe hai.

  2. Commanwealth game Fan कहते हैं:

    आप छपरा की बात करते हो? यंहा देश की इज्जत नीलाम हो रही है…

    ज़रा इसे पढ़िए…

    पेट ख़राब होने की शिकायत ले कलमाडी डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने पूछा- क्या आजकल बाहर से ज़्यादा खाना हो रहा है? कुछ देर सोचने के बाद कलमाडी बोले- हां सर, घर से बाहर निकलते ही मुझे गालियां खानी पड़ती हैं! डॉक्टर बोला- ओफ्फा! ये तो ऐसी प्रॉब्लम है…जिस पर मैं चाहकर भी आपको ‘परहेज़’ नहीं बता सकता!

    कलमाडी ने साधा इंग्लैंड पर निशाना… कहा, अंग्रेज़ों ने अगर हमें वक़्त पर आज़ाद कर दिया होता, तो आज इतने काम अधूरे नहीं पड़े होते!

    कलमाडी साहब घर पहुंचे तो काफी भीग चुके थे… बीवी ने चौंक कर पूछा- इतना भीगकर कहां से आ रहे हैं… क्या बाहर बारिश हो रही है? कलमाड़ी- नहीं। पत्‍नी ने पूछा- तो, फिर! कलमाड़ी ने कहा- क्या बताऊं… जहां से भी गुज़र रहा हूं, लोग थू-थू कर रहे हैं!

    कलमाडी साहब ने अपना मेल बॉक्स चैक किया… जो मैसेज उसमें थे, उसकी डिटेल (मैसेज अंग्रेजी में है, उसका हिंदी अनुवाद दिया जा रहा है) नीचे है-
    -आसिफ अली जरदारी और ओसामा बिन लादेन फेसबुक पर आपके मित्र बनना चाहते हैं।
    -राखी सावंत, राहुल महाजन और राजा चौधरी अब आपको ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं।
    -नर्क से दिवंगत हर्षद मेहता और वीरप्‍पन आपके मित्र बनना चाहते हैं।
    -और अंतिम, लेकिन अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण। पाकिस्‍तानी क्रिकेट टीम ने आपको अपना सट्टेबाजी कोच बनने के लिए आमंत्रित किया है।

    -चेतावनी: कृपया गर्भवती महिलाएं और कमज़ोर दिल के लोग इसे न पढें…

    -‘पीपली लाइव’ को ऑस्कर में भेजे जाने के बाद कलमाडी ने मांग की है कि कॉमनवेल्थ थीम सॉन्‍ग को भी ऑस्कर के लिए भेजा जाए… उसमें क्या बुराई है!
    -रहमान का कहना है कि उन्होंने पांच करोड़ कॉमनवेल्‍थ थीम सॉन्‍ग कम्पोज़ करने के नहीं, खेलों से जुड़ कर अपनी छवि ख़राब करवाने के लिए लिए हैं… गाना तो कलमाडी के ड्राईवर ने बनाया है!

    ब्रेंकिंग न्‍यूज- कलमाडी की ‘लोकप्रियता’ का अंदाज़ा मोबाइल कम्पनियों को भी हो गया है… उनका फोन ‘बिजी’ जाने पर अब आवाज़ आती है… जिस ज़लील आदमी से आप बात करना चाह रहे हैं वो अभी व्यस्त है… पता नहीं क्‍या कर रहा है!

    कलमाडी अपने नाम में मौजूद ‘कल’ की वजह से भी सारे काम ‘कल’ पर टालते रहे हैं। उनका नाम या तो ‘आजमाडी’ या फिर ‘अभीमाडी’ होना चाहिए था! मैं जानता हूं कि ये घटिया पैरोडी है, मगर जिस आदमी पर की जा रही है… उसे भी तो देखो!

    कलमाडी की ‘इमेज’ इस हद तक ख़राब हो चुकी है कि किसी भी ‘फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर’ में भी ठीक नहीं हो सकती!

    बेइज्ज़ती की इंतहा… कलमाडी के कुत्ते ने उन्हें देख पूंछ हिलाना बंद कर दिया है!

    दोस्तों, रात को जूतों की एक माला कलमाडी के पोस्टर पर डाली थी… सुबह उठ कर देखा रहा हूं, तो उसमें से दो जूते गायब हैं!

    पेंटर, कलमाडी से- ‘व्‍हाइटवाश’ करवाएंगे? कलमाडी- नहीं, अभी पिछले महीने ही घर में करवाया है।
    पेंटर- सर मैं घर की नहीं, आपके मुंह की बात कर रहा हूं!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- कलमाडी की बढ़ती ‘बदनामी’ से प्रभावित हो कांग्रेस ने तय किया है कि नए-पुराने सभी पाप उन्हीं के सिर डाले जाएं। इसी कड़ी में पहला शिगुफा है… अर्जुन सिंह या राजीव गांधी नहीं, एंडरसन को भगाने के पीछे सुरेश कलमाडी का हाथ था!

    अधूरी तैयारियों से परेशान कलमाडी ने अपना सिर पीटा… कहा- स्साला कोई भी अपना वादा नहीं निभाता… आतंकी कह गए थे, खेल नहीं होने देंगे… पता नहीं कहां रह गए?

    ब्रेकिंग न्‍यूज- ख़बर है कि पिछले तीन दिनों में एक लाख लोगों ने नाम परिवर्तन की सूचना अखबारों में दी है… और क्या ये महज़ इत्तेफाक है कि इन सभी के नाम सुरेश हैं!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- साइक्लिंग इवेंट से इतने खिलाड़ियों ने नाम वापिस ले लिए हैं कि अब इस स्पर्धा में कांस्य पदक नहीं दिया जा सकता… वजह… सिर्फ दो खिलाडी़ ही भाग ले रहे हैं!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- इंग्लैंड ने कहा है कि जब तक खेल गांव की हालत नहीं सुधरती, वे होटल में ही ठहरेंगे। ये सुन कलमाडी ने कल से ही इंग्लैंड के फ्लैट किराए पर चढ़ा दिए हैं!

    बाहरी लोगों के दिल्ली आने से परेशान शीला दीक्षित के लिए इससे बड़ी खुशख़बरी और क्या हो सकती है कि एक-के-बाद-एक विदेशी खिलाड़ी दिल्ली आने से मना कर रहे हैं!

    कुकर्मों के लिए माफी मांगते हुए सुरेश कलमाडी भगवान की मूर्ति के सामने दंडवत हो गए… मन में माफी मांगी… आंख खोली तो देखा… भगवान खुद कलमाडी के सामने दंडवत थे… बोले- बच्चा… रहम करो… जाओ यहां से!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- कलमाडी का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है… पहले उन्हें बताया गया था कि खेल दो हज़ार दस में नहीं दस हज़ार दो में होने हैं!

    कलमाडी ने हाथ दे कर रिक्शे वाले को रोका और पूछा- बस स्टैंड चलना है… कितने पैसे दोगे?

    खेल गांव की गंदगी देखकर इंग्लैंड के कुछ अधिकारियों ने सवाल पूछा कि क्या स्लमडॉग मिलिनेयर की शूटिंग यहीं हुई थी?

    NCERT ने छठी कक्षा किताब से ‘चालाक लोमड़ी’ का चैप्टर निकाल उसकी जगह ‘चालाक कलमाडी’ का नया चैप्टर जोड दिया गया है, मगर कुछ लोगों का सोचना है कि इतने छोटे बच्चों को ये सब पढ़ाना क्या ठीक रहेगा?

    ब्रेकिंग न्‍यूज-कलमाडी को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग के बीच पाक सरकार ने कलमाडी को अपने सर्वोच्‍च सम्‍मान ‘निशान-ए-इम्तियाज’ से नवज़ाने का फैसला किया है… उसका मानना है कि भारत की जितनी बदनामी वो पिछले साठ सालों में नहीं कर पाई, उससे ज्यादा इस शख्स ने पिछले छह दिनों में करवा दी है!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- विदेशी खिलाड़ियों के बाद विदेशी आतंकियों ने भी सुरक्षा कारणों से दिल्ली आने से मना कर दिया है!

    ब्रेकिंग न्‍यूज- सोमालियाई लूटेरों ने कलमाडी को मुख्‍य सलाहकार नियुक्‍त किया!

    नाम पर सहमति न बन पाने के कारण कलमाडी साहब के हाथ से एक कुकरी शो का ऑफर निकल गया। चैनल शो का नाम ‘खाना-खजाना’ रखना चाहता था और कलमाडी इस ज़िद्द पर अड़े थे कि उसका नाम ‘खाना खा जाना’ रखा जाए!

    कुकरी शो का ऑफर भले ही हाथ से निकल गया हो, मगर कलमाडी साहब को ‘फयर एंड लवली’ का विज्ञापन मिल गया है। पंचलाइन है… ‘धूप ही नहीं, कर्मों से काले हुए मुंह भी करे साफ!’

    वेटर ने कलमाडी से पूछा- साहब, क्या खाएंगे? कलमाडी ने गुस्‍से में कहा- स्साला, अब भी तुम्हें ये बताना पड़ेगा कि हम क्या खाएंगे!

    दिल्ली की रिकॉर्डतोड़ बारिश से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री ने मणिशंकर अय्यर को ‘बद दुआ मामलों का प्रभारी’ बना दिया है!

    कलमाडी साहब दिल के बड़े नेक हैं… मैंने उनसे कहा- सर, माफ कर दो… मैंने आप पर इतने जोक बनाए। वो बोले- बेटा, मैंने कुछ ‘नहीं बनाने’ पर भी माफी नहीं मांगी और तुम ‘बनाने’ पर मांग रहे हो!

    और अंत में, कलमाडी की ‘लोकप्रियता’ का आलम ये है कि लोग दिल्ली के बाद ‘मुन्नी की बदनामी’ के लिए भी उन्हें ही कसूरवार ठहरा रहे हैं!

  3. Aftab Alam Khan कहते हैं:

    छपरा :
    रेलवे में टिकेट के कालाबाजारी से रेल यात्रियों को खाशा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके लिए मुख्य रूप से टिकेट दलाल एवं रेलवे कर्मचारी जिमेवार है जो एक तत्काल टिकेट पे यात्रियों से किराये से ६०० से ८०० रुपया ज्यादा वसूल रहे है और यात्रियों का शोषण कर रहे है | ज्ञात हो की दलालों का पूरा नेटवर्क बना हुआ है, सुबह ०८ बजे काउंटर खुलने से पहले ही इन टिकेट दलालों द्वारा द्वारा रेलवे बुकिंग क्लर्क को नाम और पैसे दे दी जाती है जो बुकिंग क्लर्क द्वारा समय से पहले ही कंप्यूटर में फीड कर के रखा जाता है और जैसे ही ०८ बजे रेलवे की लिंक आती है वैसे ही बुकिंग क्लर्क द्वारा ०८:०० मिनट पे दलाल द्वारा दी गयी टिकेट को बना दिया जाता है और रात से लाइन में खरे हो कर पर्तीक्षा कर रहे यात्रियों की बारी आते आते स्तिथि वेटिंग लिस्ट आ जाती है और परेशान यात्रियों को खाली हाथ लौटना पड़ता है | अतः मैं प्रेस के माध्यम से रेलवे परशासन एवं जिला परशासन से आग्रह करता हूँ की इस पुरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच किया जाये और दोषियों के उपर करवाई की जाये जिससे टिकेट के कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके और यात्रियों को सुविधा मिल सके |

  4. Aftab Khan कहते हैं:

    छपरा :
    रेलवे में टिकेट के कालाबाजारी से रेल यात्रियों को खाशा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके लिए मुख्य रूप से टिकेट दलाल एवं रेलवे कर्मचारी जिमेवार है जो एक तत्काल टिकेट पे यात्रियों से किराये से ६०० से ८०० रुपया ज्यादा वसूल रहे है और यात्रियों का शोषण कर रहे है | ज्ञात हो की दलालों का पूरा नेटवर्क बना हुआ है, सुबह ०८ बजे काउंटर खुलने से पहले ही इन टिकेट दलालों द्वारा द्वारा रेलवे बुकिंग क्लर्क को नाम और पैसे दे दी जाती है जो बुकिंग क्लर्क द्वारा समय से पहले ही कंप्यूटर में फीड कर के रखा जाता है और जैसे ही ०८ बजे रेलवे की लिंक आती है वैसे ही बुकिंग क्लर्क द्वारा ०८:०० मिनट पे दलाल द्वारा दी गयी टिकेट को बना दिया जाता है और रात से लाइन में खरे हो कर पर्तीक्षा कर रहे यात्रियों की बारी आते आते स्तिथि वेटिंग लिस्ट आ जाती है और परेशान यात्रियों को खाली हाथ लौटना पड़ता है | अतः मैं श्रीमान से से आग्रह करता हूँ की इस पुरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच किया जाये और दोषियों के उपर करवाई की जाये जिससे टिकेट के कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके और यात्रियों को सुविधा मिल सके |

  5. pramodkumar कहते हैं:

    जय छपरा

  6. kaushik kumar singh कहते हैं:

    इस में तो पब्लिक का ही बेकुफई है , और नुकशान भी , जब इस बात को पब्लिक नहीं समझती है तो कुछ लोगो समझाने से काया फदा है , जब लोगो को ही य सब करवा रहे है , अगर हम लोग चाहे की यशा न हो तो नहीं होगा , हम ही लोग चाहते है की जल्दी कम हो जय तो इसमें उन लोगो का काया गलती है सब लोग चाहता है की पैशा कमाना इसलिय ओ लोग कर रहे है इसमें उन लोगो का काया गलती है इसमें सब हमलोगों का ही गलती है , मई इस बात से सहमत नहीं हूँ

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